वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman के ताजा बयान के बाद IDBI Bank के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। 24 अप्रैल को उन्होंने साफ किया कि बैंक में विनिवेश (disinvestment) की प्रक्रिया जारी रहेगी, भले ही इसमें देरी हुई हो। इस बयान का बाजार पर तुरंत असर पड़ा और बैंक का शेयर करीब 8% तक उछलकर एक महीने के उच्च स्तर ₹79.90 तक पहुंच गया। हालांकि बाद में थोड़ी मुनाफावसूली भी देखने को मिली और शेयर करीब 3% की बढ़त के साथ ₹76 के आसपास ट्रेड करता नजर आया। इस तेजी के दौरान भारी वॉल्यूम भी देखा गया, जहां लगभग 36 करोड़ शेयरों में ट्रेडिंग हुई, जो पिछले दिन की तुलना में कई गुना ज्यादा थी—यह दिखाता है कि निवेशकों की दिलचस्पी अचानक बढ़ गई है। सरकार लंबे समय से IDBI Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रही है। मौजूदा स्थिति में सरकार बैंक में अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है, जबकि Life Insurance Corporation of India (LIC) भी अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। यानी कुल मिलाकर बैंक में बड़ी रणनीतिक हिस्सेदारी निजी निवेशकों को देने की तैयारी है। हालांकि इस प्रक्रिया में देरी की वजह पहले सामने आ चुकी है, जिसमें संभावित खरीदारों की ओर से कम बोली लगाना एक बड़ा कारण रहा। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इच्छुक बिडर्स से संशोधित (revised) बिड्स देने को भी कहा है, ताकि बेहतर वैल्यूएशन हासिल किया जा सके। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने बैंकिंग सेक्टर से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि एक उच्च-स्तरीय कमेटी पीएसयू बैंकों के कंसॉलिडेशन (विलय) और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के ओपन आर्किटेक्चर जैसे विषयों पर विचार करेगी। हालांकि फिलहाल वित्त मंत्रालय के स्तर पर कंसॉलिडेशन को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। कुल मिलाकर, IDBI Bank को लेकर सरकार का रुख साफ है कि वह विनिवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है कि बाजार ने इस बयान को सकारात्मक संकेत के रूप में लिया, और निवेशकों को उम्मीद है कि आगे इस डील में प्रगति होने पर शेयर में और हलचल देखने को मिल सकती है।
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