भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में देश की कुल बिजली खपत बढ़कर 153.99 बिलियन यूनिट (BU) हो गई, जो पिछले साल अप्रैल 2025 के 148.01 BU के मुकाबले करीब 4.04% ज्यादा है। हालांकि महीने की शुरुआत में बेमौसम बारिश के कारण बिजली की मांग थोड़ी धीमी रही, लेकिन जैसे-जैसे तापमान बढ़ा और हीटवेव की स्थिति बनी, महीने के दूसरे हिस्से में बिजली की खपत तेजी से बढ़ गई। इस दौरान देश की पीक पावर डिमांड (सबसे ज्यादा मांग) भी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। अप्रैल 2026 में यह बढ़कर 256.11 गीगावॉट (GW) तक पहुंच गई, जो पिछले साल इसी महीने के 235.32 GW से काफी ज्यादा है। इससे पहले मई 2024 में करीब 250 GW की डिमांड दर्ज की गई थी, लेकिन अब यह रिकॉर्ड भी टूट चुका है। बढ़ती गर्मी, एयर कंडीशनर और कूलिंग उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल ने इस उछाल में अहम भूमिका निभाई है। ऊर्जा मंत्रालय का अनुमान है कि आने वाले महीनों में बिजली की मांग और तेजी से बढ़ सकती है। खासकर गर्मी के पीक सीजन में 2026 के दौरान 70 GW तक डिमांड पहुंचने की संभावनाजताई गई है। ऐसे में बिजली कंपनियों (discoms) और सरकार के लिए यह बड़ी चुनौती होगी कि वे लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार रखें, ताकि आम लोगों को बिजली कटौती का सामना न करना पड़े।
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