अगर आप इंजीनियरिंग में भीड़ से हटकर कुछ अलग और हाई-पेइंग करियर चाहते हैं, तो पेट्रोलियम इंजीनियरिंग आपके लिए बेहतरीन विकल्प बन सकता है। आज जब ज्यादातर छात्र आईटी और कंप्यूटर साइंस की तरफ जा रहे हैं, वहीं यह फील्ड “ब्लैक गोल्ड” यानी तेल और गैस सेक्टर से जुड़ी होने के कारण कम कॉम्पिटिशन और ज्यादा कमाई का मौका देती है। भारत में तेजी से बढ़ती ऊर्जा मांग के चलते इस क्षेत्र में एक्सपर्ट्स की कमी है, जिससे शुरुआती सैलरी भी काफी आकर्षक मिलती है। पेट्रोलियम इंजीनियर का काम सिर्फ तेल निकालना नहीं, बल्कि पूरी ऊर्जा व्यवस्था को संभालना होता है, जो इसे ग्लोबल स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण बना देता है। सरकारी नौकरी की बात करें तो ONGC, GAIL, Oil India Limited, Indian Oil Corporation और Bharat Petroleum जैसी बड़ी PSU कंपनियां हर साल GATE या अपने एग्जाम के जरिए भर्ती करती हैं। इन नौकरियों में अच्छी सैलरी के साथ जॉब सिक्योरिटी और देश की ऊर्जा नीति में योगदान देने का मौका मिलता है। वहीं अगर आप विदेश में करियर बनाना चाहते हैं, तो ExxonMobil, Chevron, TotalEnergies और Schlumberger जैसी कंपनियां भारतीय इंजीनियर्स को बड़े पैकेज पर हायर करती हैं, खासकर मिडिल ईस्ट, अमेरिका और नॉर्वे जैसे देशों में। सैलरी की बात करें तो इस फील्ड में शुरुआत ही दमदार होती है। टॉप संस्थानों जैसे IIT (ISM) धनबाद से पढ़े फ्रेशर्स को ₹10–15 लाख सालाना पैकेज मिल सकता है, जबकि सामान्य कॉलेज से भी ₹6–10 लाख की शुरुआत आम है। 5–10 साल के अनुभव के बाद यही सैलरी ₹30 लाख से ₹1 करोड़ (विदेश में) तक पहुंच सकती है। पढ़ाई के लिए IIT बॉम्बे, IIT खड़गपुर, IIT मद्रास, Rajiv Gandhi Institute of Petroleum Technology और University of Petroleum and Energy Studies जैसे संस्थान बेहतर माने जाते हैं। आने वाले समय में डिजिटल ऑयलफील्ड, AI और डेटा एनालिटिक्स के साथ यह फील्ड और भी मॉडर्न हो रही है, जिससे इसका स्कोप लंबे समय तक बना रहने वाला है।
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