Central Board of Secondary Education (CBSE) ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को कक्षा 6 में तीसरी भाषा (R3) को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि कई स्कूल अभी तक 2026–27 सत्र के लिए जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर पाए हैं, जो National Curriculum Framework for School Education 2023 के तहत तय किए गए हैं। CBSE के अनुसार, जहां कई स्कूलों ने OASIS पोर्टल पर अपनी तीसरी भाषा का चयन अपलोड कर दिया है, वहीं कुछ स्कूल अभी भी पीछे हैं और कुछ ने तो गलत या नीति के अनुरूप नहीं होने वाले भाषा विकल्प भी जमा कर दिए हैं। बोर्ड ने अब सभी स्कूलों के लिए 31 मई 2026 तक OASIS पोर्टल पर R3 भाषा अपडेट करना अनिवार्य कर दिया है। जो स्कूल अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं, उन्हें इस समय सीमा के भीतर इसे पूरा करना होगा। साथ ही, जिन स्कूलों ने गलत जानकारी दी है, उन्हें भी सुधार का मौका दिया गया है। CBSE ने साफ कहा है कि तय समय सीमा के बाद किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी संस्थानों को नियमों के अनुसार कार्य करना होगा। शैक्षणिक तैयारी को लेकर भी CBSE ने स्पष्ट टाइमलाइन जारी की है। National Council of Educational Research and Training (NCERT) और CBSE की वेबसाइट पर 1 जुलाई 2026 तक निर्धारित भारतीय भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी। जिन स्कूलों में संविधान में सूचीबद्ध भाषाओं के अलावा अन्य भाषाएं पढ़ाई जाएंगी, उन्हें SCERT या राज्य द्वारा अनुमोदित किताबों का उपयोग करना होगा, लेकिन पाठ्यक्रम NCFSE-2023 के लर्निंग गोल्स के अनुसार ही होना चाहिए। CBSE ने यह भी जोर दिया है कि R1, R2 और R3 सिस्टम के तहत कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य है। जिन स्कूलों ने अभी तक इस दिशा में काम शुरू नहीं किया है, उन्हें 1 जुलाई 2026 से कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड का फोकस अब इस नीति को पूरी तरह लागू करने पर है ताकि नए शैक्षणिक सत्र में किसी भी प्रकार की देरी या समस्या न हो।
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