16 दिसंबर 2025 को भारत ने विजय दिवस की 54वीं वर्षगांठ पूरे देश में सम्मान और गौरव के साथ मनाई। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) तथा थलसेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुखों ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पहुंचकर देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह समारोह राष्ट्र की ओर से सशस्त्र बलों के अद्वितीय योगदान को नमन करने का प्रतीक रहा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान सैन्य सम्मान के साथ पुष्पांजलि अर्पित की गई और शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए देश की रक्षा के प्रति उनके समर्पण को सलाम किया गया। उपस्थित सैन्य अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और अनुशासन ही देश की सुरक्षा और संप्रभुता की सबसे मजबूत आधारशिला है।
विजय दिवस वर्ष 1971 के भारत–पाकिस्तान युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है, जिसने न केवल युद्ध का निर्णायक अंत किया, बल्कि उपमहाद्वीप के इतिहास को भी नई दिशा दी। इस युद्ध में भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के उत्कृष्ट समन्वय, रणनीतिक सूझबूझ और अदम्य साहस ने दुनिया भर में भारत की सैन्य क्षमता का लोहा मनवाया। यह दिन भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, बलिदान और रणनीतिक क्षमता को स्मरण करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। विजय दिवस हमें यह भी याद दिलाता है कि देश की स्वतंत्रता, सुरक्षा और सम्मान के लिए हमारे सैनिकों का योगदान अमूल्य है, जिसे राष्ट्र सदैव कृतज्ञता और गर्व के साथ स्मरण करता रहेगा।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in