दक्षिण अमेरिकी देश गयाना ने भारत के साथ अपनी ऊर्जा साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 2026 की तेल ब्लॉक्स नीलामी में भारतीय तेल एवं गैस कंपनियों को भाग लेने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। गयाना हाल के वर्षों में दुनिया के उभरते हुए तेल उत्पादक देशों में शामिल हुआ है और उसके अपतटीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कच्चे तेल के भंडार पाए गए हैं। ऐसे में भारतीय कंपनियों की भागीदारी दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से लाभकारी मानी जा रही है।
भारत पहले ही गयाना के साथ अपने ऊर्जा संबंधों को मजबूत कर चुका है। 2025 में भारत ने लगभग 6 मिलियन बैरल गयानी कच्चा तेल आयात किया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते ऊर्जा व्यापार को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भारतीय सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की तेल कंपनियां इस नीलामी में सफल रहती हैं, तो इससे भारत को दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और कच्चे तेल के आयात में विविधता आएगी, जिससे मध्य-पूर्व पर निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकेगी।
नीति विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल भारत की व्यावहारिक विदेश नीति और ऊर्जा कूटनीति का हिस्सा है, जिसमें देश उभरते ऊर्जा उत्पादक देशों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी पर जोर दे रहा है। गयाना जैसे देशों में निवेश से भारतीय कंपनियों को अपस्ट्रीम एक्सप्लोरेशन में वैश्विक अनुभव मिलेगा, वहीं गयाना को तकनीक, पूंजी और विश्वसनीय साझेदार प्राप्त होंगे। यह सहयोग भारत को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में एक अधिक मजबूत और प्रभावशाली भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ाता है।
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