भारत का डीपटेक सेक्टर अब केवल शोध और प्रयोगशाला प्रयोगों तक सीमित न रहकर तेज़ी से बाज़ार उन्मुख होता जा रहा है। वर्ष 2025 के दौरान डीपटेक स्टार्टअप्स की फंडिंग में स्थिर लेकिन सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई भारतीय स्टार्टअप अब प्रोटोटाइप और पायलट प्रोजेक्ट से आगे बढ़कर व्यावसायिक उत्पाद और समाधान विकसित कर रहे हैं। निवेशकों का अनुमान है कि 2025–26 के दौरान डीपटेक क्षेत्र में सालाना 1 से 1.5 अरब डॉलर तक की फंडिंग बनी रहेगी, जबकि 2027–28 में इसमें उल्लेखनीय उछाल देखने को मिल सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर डिजाइन, क्लीन एनर्जी, बायोटेक और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत की तकनीकी क्षमता लगातार मजबूत हो रही है। सरकार की नीतिगत सहायता, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों ने इस गति को और तेज किया है। यह रुझान न केवल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देता है, बल्कि भारत को वैश्विक डीपटेक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो रहा है।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in