तकनीकी क्षेत्र में कौशल की परिभाषा तेजी से बदल रही है और जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) इस बदलाव का केंद्र बनकर उभरा है। हालिया रुझानों और रिपोर्ट्स के अनुसार, GenAI अब पारंपरिक प्रोग्रामिंग की तुलना में अधिक मांग वाला और उच्च वेतन प्रदान करने वाला कौशल बन गया है। जहां पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और कोडिंग को तकनीकी करियर की बुनियाद माना जाता था, वहीं अब कंपनियां ऐसे पेशेवरों को प्राथमिकता दे रही हैं जो AI/ML मॉडल्स, जनरेटिव सिस्टम्स और डेटा-आधारित समाधान विकसित और संचालित कर सकें।
इस परिवर्तन का एक बड़ा कारण यह है कि GenAI आधारित भूमिकाओं में प्रवेश अपेक्षाकृत आसान शुरुआती सीख के साथ संभव हो गया है। कई कार्यों में अब गहन कोडिंग की बजाय मॉडल इंटरैक्शन, प्रॉम्प्ट डिजाइन, डेटा समझ और सिस्टम इंटीग्रेशन पर अधिक जोर दिया जा रहा है। इससे कोडिंग को पूरी तरह अप्रासंगिक नहीं माना जा रहा, लेकिन इसे सेकेंडरी स्किल के रूप में देखा जाने लगा है, जबकि मुख्य फोकस AI-संचालित सोच और समस्या समाधान क्षमताओं पर है। यही वजह है कि AI इंजीनियर, मशीन लर्निंग स्पेशलिस्ट और GenAI प्रोडक्ट रोल्स में सैलरी पैकेज पारंपरिक डेवलपर भूमिकाओं से कहीं अधिक देखने को मिल रहे हैं।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने भी इस बदलाव को रेखांकित करते हुए इसे “New Economy Skills” में एक बड़ा शिफ्ट बताया है। WEF के अनुसार, आने वाले वर्षों में वैश्विक नौकरी बाजार में वही पेशेवर आगे रहेंगे जो AI-साक्षरता, डेटा-समझ और जनरेटिव टूल्स के प्रभावी उपयोग में दक्ष होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुझान शिक्षा प्रणाली, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और करियर योजना को भी प्रभावित करेगा, जहां भविष्य की तैयारी अब केवल कोड लिखने तक सीमित नहीं रहकर AI के साथ काम करने की क्षमता पर केंद्रित होगी। कुल मिलाकर, GenAI का उदय तकनीकी दुनिया में कौशल, वेतन संरचना और करियर पथ को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in