भव्य हिंदू सम्मेलन में समाज एकजुट हुआ: 'स्वदेशी अपनाओ, भारत को सशक्त बनाओ' का संकल्प लिया


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित किए जा रहे 'हिंदू सम्मेलनों' की कड़ी में आज एक विशाल समागम का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य न केवल हिंदू समाज को एकजुट करना था, बल्कि 'स्वदेशी अपनाओ' के मंत्र के जरिए भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करना भी रहा।

मुख्य आकर्षण: स्वदेशी और स्वावलंबन पर जोर

​सम्मेलन में उपस्थित संतों और समाजसेवियों ने इस बात पर जोर दिया कि वास्तविक राष्ट्रभक्ति केवल नारों में नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार में होनी चाहिए।

  • स्थानीय उत्पादों को वरीयता: वक्ताओं ने आह्वान किया कि हमें अपने दैनिक जीवन में विदेशी वस्तुओं का त्याग कर 'मेड इन इंडिया' और स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को अपनाना चाहिए।
  • आर्थिक आजादी: मंच से यह संदेश दिया गया कि जब हम स्वदेशी अपनाते हैं, तो देश का पैसा देश में ही रहता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छोटे उद्योगों को बल मिलता है।
  • सांस्कृतिक गौरव: सम्मेलन में प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें मिट्टी के बर्तन, खादी के वस्त्र और पारंपरिक जड़ी-बूटियों के फायदों को दर्शाया गया।

सामाजिक एकता का शंखनाद

​शताब्दी वर्ष के इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के हर वर्ग—विशेषकर युवाओं और महिलाओं—को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के साथ हुई।​"स्वदेशी केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि एक विचार है। जब हम स्वदेशी अपनाते हैं, तो हम सीधे तौर पर अपने देश के किसान और मजदूर के हाथ मजबूत करते हैं।"


Rahul Narang
2
Get In Touch

Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022

+91 80031 98250

info@mysba.co.in

Follow Us
Useful link

About Us

Contact Us