पीटीआई, नई दिल्ली। जे.जे. सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सेना भविष्य के युद्ध को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियों को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि आने वाला युद्ध पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर और काग्निटिव डोमेन जैसे कई क्षेत्रों में एक साथ लड़ा जाएगा। इसी बहुआयामी युद्ध रणनीति को ध्यान में रखते हुए सेना अपनी क्षमताओं का विकास कर रही है।
जनरल सिंह ने रक्षा और रणनीतिक विशेषज्ञों के लेखों के एक संकलन के विमोचन के दौरान कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और भारत के पड़ोसी देशों से जुड़ी चुनौतियों को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा अब केवल सैन्य ताकत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक, तकनीकी और अंतरिक्ष क्षेत्र भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य का युद्ध संभवतः अंतरिक्ष से शुरू हो सकता है, इसलिए भारत को अपनी अंतरिक्ष संरचना को और मजबूत करना होगा। इसी दिशा में देश लगातार काम कर रहा है ताकि किसी भी संभावित खतरे का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। इससे पहले मनोज पांडे ने भी कहा था कि भारतीय सेनाओं को मौजूदा खतरों के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाकर अपनी क्षमताएं विकसित करनी चाहिए, ताकि वे हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
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