राज्य ब्यूरो, रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब धर्म स्वातंर्त्य कानून लागू हो गया है। बजट सत्र में पारित छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंर्त्य विधेयक-2026 पर राज्यपाल रमेन डेका ने मोहर लगाई है। इसके तहत अब किसी भी धर्मांतरण से पहले प्राधिकृत अधिकारी के पास आवेदन करना अनिवार्य होगा।
कानून के अनुसार, आवेदन की जानकारी वेबसाइट, ग्राम पंचायत और संबंधित थाने में प्रदर्शित की जाएगी। 30 दिनों के भीतर दावा, आपत्ति और जांच की प्रक्रिया पूरी होगी, जिसमें गवाहों से पूछताछ और शपथ पत्र शामिल होंगे। दो या अधिक व्यक्तियों द्वारा अवैध सामूहिक मतांतरण कराने पर आजीवन कारावास का प्रावधान है।
अंतरधार्मिक विवाह कराने वाले धर्मगुरु (फादर, प्रीस्ट, मौलवी आदि) को विवाह से आठ दिन पहले सक्षम प्राधिकारी के सामने घोषणा पत्र देना होगा। विधेयक में छह अध्यायों और 31 बिंदुओं के माध्यम से अवैध मतांतरण की परिभाषा, सजा और जुर्माने का प्रावधान शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद विष्णु देव साय ने जबरन मतांतरण रोकने के लिए इस कड़े कानून को लाने का ऐलान किया था।
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