नई दिल्ली। केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य शिक्षा विभागों ने आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य से एक नया शिक्षा मॉडल पेश किया है, जिसका लक्ष्य छात्रों में व्यावहारिक कौशल, उद्यमिता और डिजिटल साक्षरता बढ़ाना है। इस पहल के तहत विद्यालयों और कॉलेजों में उद्यमिता कार्यशालाएँ, स्थानीय संसाधनों पर आधारित परियोजनाएँ और स्वदेशी तकनीक का प्रयोग बढ़ावा दिया जाएगा। छात्रों को स्थानीय उद्योगों और स्वरोजगार परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि वे रोजगार के अवसर सीखें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएँ।
इस मॉडल की प्रमुख विशेषताओं में उद्यमिता और कौशल विकास, स्थानीय संसाधनों और स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग, डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन प्रशिक्षण, और ग्रामीण एवं शहरी छात्रों के लिए व्यावहारिक अनुभव शामिल हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छात्रों को केवल पाठ्यपुस्तक ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक जीवन और रोजगार कौशल में सक्षम बनाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।