एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के अनुसार, ईरान संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा नकारात्मक असर पड़ने की संभावना नहीं है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत निजी खपत, निवेश में सुधार और ठोस निर्यात वृद्धि के प्रमुख आधार बने रहेंगे। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई और वित्तीय स्थिति पर दबाव पड़ सकता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से व्यापार घाटा बढ़ने की आशंका है, लेकिन सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन से चालू खाते का घाटा नियंत्रित रह सकता है। एसएंडपी ने यह भी संकेत दिया कि महंगाई सामान्य स्तर पर लौटते हुए बढ़ सकती है और यदि ऊर्जा संकट लंबा खिंचता है तो आरबीआई को भविष्य में नीतिगत सख्ती करनी पड़ सकती है।
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