विश्व बैंक के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर लगभग 6.6% रहने का अनुमान है, लेकिन ईरान युद्ध के कारण इस पर जोखिम बना हुआ है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अस्थिर युद्धविराम के चलते तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर। भारत अपनी लगभग 90% तेल जरूरतें आयात करता है, इसलिए ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट का सीधा असर अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है। हालांकि, विश्व बैंक का मानना है कि भारत के मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और सुदृढ़ बैंकिंग प्रणाली इस स्थिति के प्रभाव को कुछ हद तक संभाल सकते हैं, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था अन्य देशों की तुलना में तेज़ी से बढ़ती रह सकती है।