भारत-चीन व्यापार में नई गर्माहट: निर्यात में तेजी, फिर भी बना भारी व्यापार घाटा

<p style="text-align: justify; "> <strong data-start="130" data-end="151">नई दिल्ली/जिनेवा:</strong> भारत और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों में हाल के समय में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब सात वर्षों के अंतराल के बाद केंद्रीय मंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Piyush Goyal</span></span> और चीन के वाणिज्य मंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Wang Wentao</span></span> की मुलाकात विश्व व्यापार संगठन (WTO) की बैठक के दौरान हुई, जिससे दोनों देशों के बीच रिश्तों में नई गर्माहट के संकेत मिले हैं।</p> <p style="text-align: justify; ">वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से फरवरी के बीच भारत का चीन को निर्यात 38 प्रतिशत बढ़ा है, जो इस बात का संकेत है कि चीन भारतीय उत्पादों के लिए एक बड़ा और उभरता हुआ बाजार बन सकता है। हालांकि, इस सकारात्मक रुझान के बावजूद व्यापार संतुलन अभी भी भारत के पक्ष में नहीं है।</p> <p data-start="793" data-end="1022" style="text-align: justify;">आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में भारत ने चीन से लगभग 119 अरब डॉलर का आयात किया, जबकि निर्यात करीब 17 अरब डॉलर रहा, जिससे लगभग 102 अरब डॉलर का भारी व्यापार घाटा बना हुआ है। यह असंतुलन भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती बना हुआ है।</p> <p data-start="1024" data-end="1389" style="text-align: justify; ">भारत ने इस स्थिति को सुधारने के लिए चीन से अपने बाजार को भारतीय फार्मा, इंजीनियरिंग और खाद्य उत्पादों के लिए खोलने की मांग की है। साथ ही, तकनीकी बाधाओं को हटाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिल सके। इसके अलावा, भारत द्वारा चीनी कंपनियों को 10 प्रतिशत तक निवेश की अनुमति देना यह दर्शाता है कि दोनों देश आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के इच्छुक हैं।</p> <p data-start="1391" data-end="1672" style="text-align: justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक व्यापार के बदलते परिदृश्य में चीन भी भारत जैसे बड़े उपभोक्ता बाजार की अनदेखी नहीं कर सकता। यदि भारत अपने निर्यात को और मजबूत करता है, तो न केवल व्यापार घाटा कम किया जा सकता है, बल्कि भविष्य में चीन भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार भी बन सकता है।</p>

Manisha Saini
6
Get In Touch

Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022

+91 80031 98250

info@mysba.co.in

Follow Us
Useful link

About Us

Contact Us