ईरान-अमेरिका तनाव के बीच Strait of Hormuz के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है, जिससे तेल और गैस की कीमतें तेजी से आसमान छू रही हैं और महंगाई का दबाव बढ़ने लगा है। Donald Trump द्वारा नाकेबंदी की रणनीति अपनाने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं, जो उनके लिए उल्टा पड़ता दिख रहा है। इस टकराव के चलते मिडिल ईस्ट में ऊर्जा ढांचे पर हमलों का खतरा बढ़ गया है और वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। जेट फ्यूल की कमी से एयर ट्रैवल और पर्यटन सेक्टर पर असर पड़ सकता है, जबकि कतर से मिलने वाले हीलियम की कमी से सेमीकंडक्टर उत्पादन बाधित हो सकता है। उर्वरक की कमी से कृषि उत्पादन पर दबाव बढ़ेगा, जिससे खाद्य महंगाई और तेज हो सकती है। Asian Development Bank के अनुसार इस संकट से एशिया की विकास दर में गिरावट आ सकती है। वहीं Fatih Birol ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट बताया है और चेतावनी दी है कि यह 1970 के दशक के तेल संकट से भी ज्यादा गंभीर साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, यह संकट न सिर्फ ऊर्जा बाजार बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, रोजगार और विकास पर गहरा प्रभाव डाल सकता है, जबकि ईरान इस स्थिति का रणनीतिक फायदा उठाकर भविष्य की वार्ताओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in