राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राजस्थान के सरकारी स्कूलों में कक्षा 11वीं के छात्रों के लिए एक बड़ा और अहम बदलाव किया गया है, जिससे अब पढ़ाई का तरीका और अधिक लचीला और छात्र-केंद्रित बन गया है। नए नियमों के अनुसार अब छात्रों को पहले की तरह केवल एक ही संकाय (साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स) तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे अपनी रुचि और करियर की जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्ट्रीम के विषयों का कॉम्बिनेशन चुन सकेंगे। शिक्षा विभाग द्वारा जारी परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अब छात्र तीन की जगह चार ऐच्छिक विषयों का चयन कर पाएंगे, जिससे उनके पास विषय चुनने के ज्यादा विकल्प होंगे।
इस बदलाव के बाद अब छात्र विज्ञान के साथ राजनीति विज्ञान या कला के साथ गणित जैसे विषयों को एक साथ पढ़ सकेंगे, जो पहले संभव नहीं था। इससे उन छात्रों को विशेष फायदा होगा जो पारंपरिक ढांचे से हटकर अपनी रुचि के अनुसार पढ़ाई करना चाहते हैं। यह नई व्यवस्था न केवल छात्रों की रुचि को बढ़ावा देगी, बल्कि उन्हें भविष्य में अपने करियर के लिए बेहतर तैयारी करने में भी मदद करेगी।
सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और उपयोगी बनाया जाए, ताकि छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान को वास्तविक जीवन में भी लागू कर सकें। इस कदम से छात्रों में सीखने की इच्छा बढ़ेगी और वे अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। कुल मिलाकर, यह बदलाव शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और लचीला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
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