केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने महिलाओं के लिए आरक्षण को समय की जरूरत बताते हुए कहा है कि इसे लागू करने में अब और देरी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को नीति निर्माण में बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए, क्योंकि इससे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम का समर्थन करने की अपील भी की, ताकि इसे व्यापक सहमति के साथ लागू किया जा सके।
गौरतलब है कि 2023 में Nari Shakti Vandan Adhiniyam पारित किया गया था, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। इस कानून का उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भूमिका देना है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि देश के विकास में भी उनका योगदान और अधिक प्रभावी हो सकेगा। आने वाले समय में इस कानून के लागू होने से भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां महिलाओं की भागीदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ेगी।