अमेरिका की सख्ती के बीच भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए समय रहते सस्ते कच्चे तेल का भंडार भर लिया, जिससे आने वाले महीनों में संभावित झटकों से काफी हद तक बचाव संभव हो सकेगा। दरअसल Donald Trump के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने रूस और ईरान से तेल खरीद पर दी जा रही अस्थायी छूट (वेवर) को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यह छूट फरवरी के अंत में Hormuz Strait के आसपास बढ़ते तनाव और Iran-Israel के बीच हालात बिगड़ने की आशंका के चलते दी गई थी, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे, लेकिन अब इसके खत्म होने से स्थिति फिर अनिश्चित हो गई है।
इसी ‘वेवर विंडो’ का फायदा उठाते हुए भारत की तेल कंपनियों—जैसे Indian Oil Corporation, Reliance Industries और Bharat Petroleum—ने तेजी से कदम उठाए और रूस से करीब 30 मिलियन बैरल कच्चे तेल का ऑर्डर देकर अपने भंडार को मजबूत कर लिया। मार्च 2026 में Russia से भारत का तेल आयात लगभग 1.98 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया, जो जून 2023 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि अप्रैल में रिफाइनरी मेंटेनेंस के चलते इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई।
भारत ने इस दौरान एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए करीब सात साल बाद फिर से ईरान से तेल आयात शुरू किया और लगभग 4 मिलियन बैरल कच्चा तेल मंगाया, जिसे देश के पूर्वी और पश्चिमी तट के बंदरगाहों पर उतारा गया। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत अपनी लगभग 90 प्रतिशत तेल जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है और ऐसे में वैश्विक संकट का सीधा असर उसकी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
कूटनीतिक स्तर पर भी भारत सक्रिय रहा है। Narendra Modi ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से बातचीत कर ऊर्जा सप्लाई और खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर जोर दिया। हालांकि भारत की ओर से छूट बढ़ाने की मांग को अमेरिका ने नहीं माना, लेकिन दोनों देशों के बीच संवाद जारी है।
आगे की स्थिति को देखें तो छूट खत्म होने के बाद भारत को महंगे विकल्पों की ओर रुख करना पड़ सकता है, जिससे लागत बढ़ने का दबाव रहेगा। फिर भी विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत की रिफाइनिंग क्षमता और रणनीतिक योजना मजबूत है, जिससे वह वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद अपनी ऊर्जा जरूरतों को संतुलित कर सकता है। कुल मिलाकर, समय रहते उठाया गया यह कदम भारत के लिए “मास्टरस्ट्रोक” साबित हो सकता है, क्योंकि इससे न सिर्फ सप्लाई सुरक्षित हुई है बल्कि कीमतों में संभावित उछाल के असर को भी सीमित करने में मदद मिलेगी।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in