करीब सात साल के लंबे अंतराल के बाद भारत ने फिर से ईरान से कच्चा तेल आयात करना शुरू कर दिया है। हाल ही में दो बड़े टैंकर लगभग 40 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचे हैं, जिनमें से एक ओडिशा के पारादीप बंदरगाह और दूसरा गुजरात के सिक्का बंदरगाह के पास लंगर डाले हुए है। इन जहाजों के नाम एमटी जया और एमटी फेलिसिटी हैं, जो करीब 20-20 लाख बैरल तेल लेकर आए हैं। यह डील ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है और समुद्री रास्तों से तेल सप्लाई पर खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद यह कदम भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
यह आयात इसलिए भी खास है क्योंकि साल 2019 के बाद पहली बार ईरान से तेल भारत पहुंचा है। अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण लंबे समय से यह व्यापार बंद था, लेकिन हाल ही में अमेरिकी प्रशासन ने कुछ शर्तों के साथ सीमित समय के लिए छूट दी, जिसके बाद यह शिपमेंट संभव हो पाया। पारादीप पहुंचे टैंकर में ईरान के खर्ग द्वीप से कच्चा तेल लाया गया है, जिसे इंडियन ऑयल की रिफाइनरी में प्रोसेस किया जाएगा। इस तेल की पहले गुणवत्ता जांच होगी, जिसमें घनत्व, सल्फर और अशुद्धियों को परखा जाएगा।
दूसरी तरफ, सिक्का बंदरगाह के पास रुका टैंकर संभवतः भारत की बड़ी कंपनियों बीपीसीएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए तेल लेकर आया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सिक्का बंदरगाह इन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान से तेल की आपूर्ति लगातार जारी रहती है, तो भारत को सस्ते तेल का विकल्प मिलेगा, जिससे महंगाई को काबू में रखने और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in