वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने साफ कहा है कि भारत अपने उत्पादों के लिए अमेरिका में “तरजीही बाजार पहुंच” (Preferential Market Access) चाहता है। उनका कहना है कि भारत और United States के बीच संबंध पहले से ही काफी मजबूत हैं और प्रौद्योगिकी, रक्षा, व्यापार व निवेश जैसे कई अहम क्षेत्रों में दोनों देशों की गहरी रणनीतिक साझेदारी बनी हुई है। गोयल ने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता बेहतर स्थिति में है, जिससे भारत को आगे और फायदा मिल सकता है।
मंत्री के अनुसार, भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, इसलिए वैश्विक निवेशकों के लिए यह एक बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में ज्यादा निवेश और बड़े स्तर के निवेश भारत की ओर आकर्षित होंगे, जिससे आर्थिक विकास को और गति मिलेगी।
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत भी आगे बढ़ रही है। इस सिलसिले में गोयल ने Jamieson Greer के साथ बैठक कर अगले चरण की चर्चा की थी। यह बातचीत World Trade Organization के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान हुई थी। हालांकि, अभी इस समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हुए हैं, लेकिन दोनों देश इसकी रूपरेखा तय कर चुके हैं।
टैरिफ (शुल्क) को लेकर भी इस डील पर असर पड़ा है। पहले अमेरिका ने भारत पर शुल्क घटाने का संकेत दिया था, लेकिन बाद में Donald Trump की नीतियों और नई शुल्क संरचना के चलते स्थिति बदल गई। अमेरिका द्वारा सभी देशों पर अस्थायी रूप से 10% टैरिफ लगाने के फैसले के बाद भारत-अमेरिका वार्ता कुछ समय के लिए टल गई। अब उम्मीद की जा रही है कि नई वैश्विक शुल्क व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद ही इस अंतरिम व्यापार समझौते पर आगे बढ़ा जाएगा।
कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका व्यापार संबंध मजबूत दिशा में बढ़ रहे हैं, लेकिन अंतिम समझौते के लिए टैरिफ और नीतिगत स्पष्टता अहम भूमिका निभाएगी।
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