आईपी 2026 सम्मेलन में दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता को मजबूत बनाने के लिए देशभर के नियामक, शिक्षाविद और दवा उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र हुए, जहां भारतीय भेषज संहिता आयोग (IPC) ने वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के सहयोग से जम्मू स्थित सीएसआईआर-भारतीय समवेत औषध संस्थान में इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन किया। इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि बदलती वैज्ञानिक और नियामक जरूरतों के अनुसार दवा मानकों को लगातार अपडेट करना बेहद जरूरी है, ताकि देशभर में उपलब्ध सभी दवाओं की गुणवत्ता एक समान बनी रहे और मरीजों को सुरक्षित व प्रभावी उपचार मिल सके। तकनीकी सत्रों में आईपी 2026 के तहत हुए नए बदलावों पर विस्तार से चर्चा हुई, जैसे दवाओं में अशुद्धियों के मानकों को सख्त करना, नए विश्लेषणात्मक तरीकों को अपनाना, पादप आधारित दवाओं का मानकीकरण और सूक्ष्मजीव तथा रक्त संबंधी परीक्षणों को और मजबूत बनाना। साथ ही यह भी जोर दिया गया कि वैश्विक मानकों के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी है, ताकि भारतीय दवा प्रणाली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विश्वसनीय बनी रहे।
इस संवादात्मक सत्र ने उद्योग, वैज्ञानिक संस्थानों और नियामकों को अपने विचार साझा करने का अवसर दिया, जिससे आईपी 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में बेहतर तैयारी हो सके। अंत में आईपीसी ने दोहराया कि वह वैज्ञानिक प्रगति और सभी हितधारकों के सहयोग से भेषज मानकों को लगातार बेहतर बनाता रहेगा, जिससे देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा सके।
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